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बिजली विभाग की दोहरी भूमिका गरीबों को विद्युत चोरी की आरोप का मुकदमा दर्ज, और सरकारी स्ट्रीट लाइट से खुलेआम बिजली की चोरी।

पूर्वी चम्पारण कोटवा थाना क्षेत्र के कोटवा ब्लॉक के कई पंचायत में  जैसे बरहरवा कला पूर्वी, कोटवा, जसौली, बरहरवा कला पश्चिमी, आदि कई  पंचायतों में सरकार ने स्ट्रीट लाइट लगाने का काम पंचायत को दिया ।
स्ट्रीट लाइट के लिए स्वीकृत राशि लगभग 13 लाख रुपए और भिन्न भिन्न पंचायतों को विभिन्न तरह के राशि का भुगतान भी हुआ है।
करीब सभी पंचायत में स्ट्रीट लाइट का काम पूरा होने का दावा किया गया है।
जबकि स्ट्रीट लाइट के नाम पे बिजली के ही पोल पे  डायरेक्ट एलटी वायर कट करके स्ट्रीट लाइट का वायर जोड़ा गया है।   न ही सर्विस वायर लगाया गया, और न ही कोई पोल लगाया गया । मजे की बात तो ये है की स्ट्रीट लाइट में बिजली की कितनी खपत हो रही है, इसके  मापन के लिए न ही कोई बिजली मीटर लगाया गया है।  फिर तो ये कई लाखो का भुगतान कौन से काम में खर्च हो गए।

और विशेष बात तो ये है । बिजली विभाग के अधिकारियों को ये पता ही नही है । की स्ट्रीट लाइट उपयोग के लिए अपभोक्ता संख्या क्या है।  और उसका भुगतान कैसे होगा, जबकि उनके द्वारा कोई बिजली मापक मीटर ही नहीं लगाया गया, या उपभोक्ता संख्या उपलब्ध कराई गई।

बिजली विभाग की राजस्व की हानी की बात करे – तो   बरहरवा कला पूर्वी में ,एक वार्ड में  25 स्ट्रीट लाइट लगाया गया है।  पंचायत में कुल 11 वार्ड है  । तो 30❌11=330
एक स्ट्रीट लाइट 50 watt है।
50watt ❌330=16,500watt /HOUR  (घंटा)  के  अनुसार 24 HOUR  उपयोग किया जा रहा है।  (जितने समय की सप्लाई चालू रहता है)  के अनुसार / प्रति दिन कई वर्षों से  उपयोग किया जा रहा है। या चोरी किया जा रहा है।
अगर मूल्य का आकलन करे तो – मीटर सहित  कनेक्शन में  7:40 रुपए /यूनिट ऊर्जा शुल्क व /माह 50 रुपए फिक्स चार्ज  ।
2, मीटर रहित स्ट्रीट लाइट के लिए 375 रुपए/100watt  स्ट्रीट लाइट के लिए  बिजली विभाग चार्ज करती हैं।
16,500-100 =165❌375 =61875 / माह के अनुसार लगभग बिजली विभाग को राजस्व की हानी हो रही है।
जो कोटवा ब्लॉक के 16 पंचायतों की बात करे तो
अनुमानित 61875❌16=990,000  / माह लगभग।

जो खुलेआम हो रही चोरी पर बिजली विभाग के किसी भी अधिकारी को जानकारी नहीं या कोई ऐक्शन नहीं।

पर  एक विकलांग , बे सहारा व कुष्ठ रोगी के बेटे पे बिजली विभाग ने  , बिजली चोरी का एफआईआर दर्ज कराया।
जो लड़का  अभी कुछ ही दिनों पहले जेल से बाहर आया था ।  तुरन्त विभाग ने उसे चोर साबित कर मुकदमा दर्ज कराया।
ऐसे कई और भी समस्याएं है जो बिजली विभाग को दोहरी भूमिका को प्रदर्शित करता है।

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कोटवा पॉवर ग्रिड क्षेत्र के एम्मापर डीटीआर जो वर्ष 2016 से कर्जरत है।
इस डीटीआर से लगभग 450 घरों को विद्युत आपूर्ति की जाती हैं।
मात्र 50-60 घरों को ही कोनक्शन या मीटर दिया गया।
जबकि लगभग 350 घरों को  अभी तक न ही कोई वैध कनेक्शन दिया गया।

ईश डीटीआर में  विद्युत उपयोग कर्ता ग्राम वासियों ने विद्युत कनेक्शन के लिए  ऑफिस के कई चक्कर काटे । उनको कनेक्शन के लिए मोटे रकम की मांग की गई। हालाकि बीच में  ट्रांसफर मर खराब होने पर उसे रिप्लेस किया गया है। लेकिन ग्रामीणों को वैध विद्युत कनेक्शन नहीं दिया गया।
बस चोरी का मामला दर्ज कर मुकदमा किया जायेगा । या फिर मोटे तौर पर रकम की उगाही की जाएगी।

ऐसे ही डीटीआर जसौली के बृति टोला में लगभग 70 घरों में बिजली कनेकशन नही दिया गया।
अगर इस छेत्र में बिजली राजस्व की हानी की बात करे तो लगभग  500watt / ghar ke अनुसार 350ghar❌500 watt=175,000 watts/hours का  बिजली विभाग को राजस्व का नुक़सान हो रहा है।
अगर मूल्य की बात करे तो – 175,000watts/hours
/Units 4:27 rupay

जसौली बनकट डीटीआर के 70 घरों में बिजली विभाग ने कोई वैध कनेक्शन नहीं दिया है।
तो 70ghar ❌500watt =35,000watt /Hours के

के अनुसार विभाग को राजस्व की हानी हो रही है।
जिसपर विभाग के अधिकारी  कुछ भी नहीं कर सकते।
उन्हें वैध कनेक्शन दे कर राजस्व की प्राप्ति तो नहीं करेंगे पर एफआईआर दर्ज कर , रकम की उगाही जरूर करना  चाहेंगे।
आखिर  इसमें आम आदमी क्या करें ।  बिजली की जरूरत तो सबको है। अगर  आप परेशान जनता को और परेशान करेंगे तो व भी क्या करे। आम आदमी को परेशान कर के ही मुजरिम बनाया जाता है। व गाढ़ी कमाई को लुट लिया जाता है।

संरक्षित: बिजली विभाग की दोहरी भूमिका गरीबों को विद्युत चोरी की आरोप का मुकदमा दर्ज, और सरकारी स्ट्रीट लाइट से खुलेआम बिजली की चोरी।

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पूर्वी चम्पारण के रक्सौल में बिजली बिल कलेक्शन में गड़बडी।

हिन्दुस्तान में प्रकाशित

वसूला पूरा जमा किया कम, दो करोड़ से अधिक का गबन

के
रक्सौल संवाददाता
मैंने यहां पदस्थापन
जमा करायी गयी। यही नहीं, राजस्व
बाद से राजस्व संबंधी
संकलन की मनी रसीद की दूसरी व |


रक्सौल विद्युत आपूर्ति अवरप्रमंडल में
तीसरी प्रति में भी कम राशि ही दर्शायी
उपभोक्ताओं से बिजली बिल की सामने आने लगी। जिसके बाद मेरे
जांच कराई। इसके बाद गड़बड़ी
गयी। गबन वर्ष 2019 से 2021 तक
वसूली करपूरी राशि विभाग में नहीं जमा
आदेश से एफआईआरदर्ज करायी
की अवधि में विभिन्न बिजली बिल में
कराकर दो करोड़ से अधिक के गबन
गयी है।
किया गया है।
का मामला सामने आया है। गड़बड़ी का
-प्रदीप कुमारसुमन,
एफआईआर की पुष्टि थानाध्यक्ष
कार्यपालक अभियंता
खुलासा लेखा पदाधिकारी की जांच में
सह पुलिस इंस्पेक्टर शशिभूषण ठाकुर
कुमारको आरोपित किया है। अन्य की ने की। आरोपी कर्मी विद्युत राजस्व |
मामले में विद्युत आपूर्ति अवर संलिप्तता की भी आशंका है। मामला संग्रह का कार्य तत्कालीन सहायक
प्रमंडल के सहायक अभियंता सुनील दर्ज होने से विभाग में हड़कंप है। विद्युत अभियंता राजीव मिश्रा व
रंजन कुमारने रक्सौल थाने में दो करोड़ एफआईआर में सहायक अभियंता चन्द्रकान्त नायक के कार्यकाल में
दो लाख 29 हजार 846 रुपये के ने बताया है कि लेखा पदाधिकारी की करता था। मामले में विद्युत आपूर्ति
घोटाले की एफआईआरदर्ज करायी है। जांच में पाया गया कि ग्राहकों से जितना प्रमंडल के कई अधिकारियों की
इसमें एक निजी कंपनी के कर्मी संतोष बिल वसूला गया उससे बहुत कम राशि संलिप्तता की आशंका जताई गई है।
हुआ है।

पूर्वी चम्पारण तुरकौलिया में लूटकांड।

तुरकौलिया में लूटकांड।

पूर्वी चम्पारण
तुरकौलिया।
तुरकौलिया में अपराधियो ने व्यवसायी को लुटा।
पिस्टल के नोक पर व्यवसायी को लूटा।
लैपटॉप, दो मोबाइल, सोने की सिकड़ी व ढाई हजार रुपए लुटा।
दो बाइक पर सात की संख्या में थे अपराधी।
अपराधियो के शिनाख्त के लिये तुरकौलिया पुलिस सीसीटीवी खंगालने में जुटी।
तुरकौलिया के एनएच 28 पर भेला छपरा के पास की है घटना।

आज के दिनों में पूर्वी चम्पारण में चोरी, लूटकांड आदि में ज्यादातर मामले बढ़ रहे हैं।

आम आदमी को अपने जान व माल की काफी चिन्ता सताए जा रही है।

प्रशासन आखिर क्या कर रही है।

सीतामढ़ी में फौजी के घर में डकैती।

पूर्वी चम्पारण कोटवा थाना क्षेत्र के हसनपुर में बिजली विभाग की टीम ने डिफाल्टर उपभोक्ताओं के काटे कनेक्शन।

कोटवा पॉवर ग्रिड, व थाना क्षेत्र के बरहरवा कला पश्चिमी वार्ड हसनपुर में
बिजली विभाग की टीम ने , डिफाल्टर उपभोक्ताओं का काटे कनेक्शन।
राजस्व वसूली टीम ने वार्ड हसनपुर में  15 डिफाल्टर उपभोक्ताओं का टेंपरेरिली डिस्कनेक्शन किया है। जो भुगतान नहीं कर रहे थे।
बकाया राशि 5000 हजार से अधिक वाले उपभोक्ता जो कई महीनों से भुगतान नहीं कर रहे थे। का डिस्कनेक्शन किया।
बकाया राशि भुगतान करने पर पुनः  बिजली सप्लाई चालू हो जाता है।
अतः आप सभी उपभोक्ता स समय भुगतान कारे व लाभ उठाए।

बरहरवा कला पश्चिमी वार्ड हसनपुर कोटवा पॉवर ग्रिड
Local public news
बरहरवा कला पश्चिमी वार्ड हसनपुर कोटवा

विभागीय गठित टीम में EASS- रमाशंकर प्रसाद SUP – नीरज कुमार सिंह ,RRF- अर्जुन राय

LM – रामू कुमार सुमित तिवारी कुंदन गुप्ता आदि शामिल थे।

राजस्व वसूली के लिए विभाग ऐक्शन मोड़ में है

उपभोक्ताओं को बिजली बिल का भुगतान अब समय करना अनिवार्य होगा।

अन्यथा कनेक्शन कटा जा रहा है।

पूर्वी चम्पारण कोटवा थाना क्षेत्र के बरहरवा कला पूर्वी में मनरेगा कार्य जेसीबी से।


जेसीबी से हो रहा कार्य,व्यवस्था पर उठे सवाल

दैनिक जागरण मोतिहारी


जेससीबी से कार्य कर मनरेगा मजदूर के नाम पर निकलता है पैसा
कोटवा ( पूचं X आससे)। एक कार्य किया जा रहा है। जॉबकार्ड बनाने में भी अनियमितता : मनरेगा योजना
तरफ सरकार मनरेगा योजना के तहत से जॉब कार्ड बनवाने में भी बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गयी है। यहा
मजदूरों को रोजगार गारंटी देने का वादा वैसे लोगों का जॉब कार्ड रोजगार देने के लिये बनाया गया है। जो मुखिया व
कर रही है रोजगार सृजन के लिए
प्रखंड में ग्रामीण विकास विभाग का
करोड़ों रुपए मनरेगा योजना पर खर्च
किया जा रहा है। लेकिन ठीक इसके
विपरीत कोटवा प्रखंड के बरहरवा
कला पूर्वी पंचायत में मनरेगा योजना
नियम की धज्जियां उड़ रही है। बात दे
कि हेमन छपरा प्राथमिक विद्यालय
परिसर में मिट्टी भराई, गैरा माई स्थान,
नवगोल चौक के समीप शमसान में
मिटी भराई का कार्य मजदूर की जगह
जेससीबी से किया जा रहा है। जिससे
स्थानिय मजदूर वर्ग के लोगों में
आक्रोश है। स्थानीय लोगों का
कहना है कि जब मनरेगा से जब
कार्ड मजदूर के लिये बना है तो जेसीबी
से काम क्यों हो रहा है।अगर जेससीबी
से कार्य करना है तो जॉब कार्ड बनवाने
की जरूरत ही क्या है यहा बता दे कि
अभी मनरेगा योजना के तहत खेल का रोजगार सेवक का करीबी है ताकि जेससीबी से कार्य करा
मैदान, कुआं का जीणोद्धार, नहर सहित कर उनलोगो के खाते से बिना काम किये पैसा निकासी कर
अन्य कार्य किया जा रहा है।मामले में लिया जाता है और वास्तविक मजदूर को काम नहीं दिया
उप मुखिया नीना झा ने आरोप लगाया जाता है। क्योंकि वे लोग पैसा निकाल कर नही देंगे मामले
की गलत तरीके से मनरेगा का कार्य में रोजगार सेवक देवेंद्र कुमार ने बहुत ही हास्यास्पद जवाब
कराया जा रहा है ।मजदूरों की जगह सामने आया उन्होंने बताया की पंचायत में मनरेगा से कोई
जेसीबी व ट्रैक्टर से मिटी भराई का कार्य नहीं हो रहा है जो हो रहा है उसकी हमे जानकारी है।

पूर्वी चम्पारण कोटवा में बिजली की खुलेआम चोरी।

पूर्वी चम्पारण कोटवा थाना क्षेत्र के कई इलाकों में बिजली की खुलेआम चोरी हो रही है।

कोटवा थाना क्षेत्र के कई पंचायत में स्ट्रीट लाइट उपयोग के लिए , बिना किसी मीटर के व बिना उपभोक्ता संख्या के बिजली का उपयोग किया जा रहा है।

जबकि स्ट्रीट लाइट के लिए स्वीकृत राशि लगभग 5-13 लाख रुपए तक की है । फ़िर भी स्ट्रीट लाइट का उपयोग डायरेक्ट बिजली का एलटी वायर कट कर उपयोग किया जा रहा है।

विभाग की मानें तो स्ट्रीट लाइट के लिए मीटर की स्थापना की जाती है। और उन्हें अलग से सर्विस वायर उपयोग किया जाता है। जिनसे उपयोग किये गए बिजली का बिलिंग किया जा सके।

कई वर्षों से बिना उपभोक्ता संख्या के स्ट्रीट लाइट का उपयोग पंचायत के कई इलाकों में किया जा रहा है।

विभागीय अधिकारियों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि फ़िलहाल कोई जानकारी एवलेबल नहीं है।

आखिर जब एक आम आदमी से छोटी सी भी गलती की कीमत वसूली जाती हैं, तो इनका क्यू नही।

आखिर कार साहब तो साहब है, भला कौन सुनता है ।